26 June, 2022

MHM कॉलेज के साथ BNMU के कुलपति कब तक सतैला व्यवहार करेंगे।

Saharsa(26.06.2022)-

मुरारी कुमार मयंक 


मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति महोदय, महाराज हरिबल्लभ मेमोरियल कॉलेज सोनवर्षा के साथ क्यों और कब तक सतैला व्यवहार होते रहेगा।जैसे #MHM कॉलेज जिला मुख्यालय से कुछ दूरी पर स्थित हैं वैसे ही #KP कॉलेज मुरलीगंज तो उससे ज्यादा ही दूरी पर स्थित हैं। #KP कॉलेज में आप ने #PG #BCA #BBA के पढ़ाई शरू करने का निर्णय लिए इस काम के लिए आप बधाई के पात्र हैं।MHM कॉलेज न सिर्फ सोनवर्षा के बच्चों के लिए लाभदायक हैं आसपास के जिलों के बच्चों के लिए भी आसानी से उच्च शिक्षा प्राप्त करने का एकमात्र उम्मीद हैं।जब महाराजा हरिबल्लभ मेमोरियल कॉलेज सोनवर्षा राज और केपी कॉलेज मुरलीगंज दोनों का नियंत्रण यूनिवर्सिटी के द्वारा ही किया जाता है तब कैसे एक महाविद्यालय में उच्च शिक्षा शुरू करने का तैयारी किया जाता है और दूसरे महाविद्यालय को कुछ नही दिया जाता हैं।आखिर ऐसा निर्णय कौन लेते है या किसके इसारे पर लिया जाता हैं।कब तक इस महाविद्यालय को ठगते रहेंगे कब तक ऐसा सतैला व्यवहार करते रहेंगे।एक महाविद्यालय मे यूनिवर्सिटी के द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं का आयोजन किया जाता हैं जबकि एक मात्र सरकारी महाविद्यालय महाराजा हरिबल्लभ मेमोरियल कॉलेज हैं जहाँ पढ़ने वाले छात्रों के प्रायोगिक परीक्षा भी इस महाविद्यालय में आयोजित न करके जिला के किसी महाविद्यालय में आयोजित किया जाता हैं।आखिर यह दोहरी नीति महाविद्यालय के साथ क्यों किया जाता हैं यह छात्रों को जानने का अधिकार हैं।सहरसा जिले में मात्र पाँच सरकारी महाविद्यालय  मनोहर लाल टेकरीवाल कॉलेज,राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय, सर्वनारायन सिंह रामकुमार सिंह महाविद्यालय, रमेश झा महिला महाविद्यालय और महाराज हरिबल्लभ मेमोरियल कॉलेज जो मंडल यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त हैं जहाँ स्नातक, स्नातकोत्तर के अलावे बीसीए,बीबीए,बीएड जैसे विषयों की पढ़ाई होता हैं उसमें सिर्फ महाविद्यालय महाराजा हरिबल्लभ मेमोरियल कॉलेज हैं जहाँ इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों के अभाव में सिर्फ स्नातक के पढ़ाई होती हैं।अभाविप ने लगातार इस महाविद्यालय के वस्तु स्थिति से कुलपति को अवगत करवाते रहा हैं लेकिन उनका नजर इधर आता ही नही हैं।इसबार अगर सोनवर्षा के सभी महाविद्यालयों का प्रायोगिक परीक्षा का केंद्र सोनवर्षा नही करके सहरसा किया गया तो यूनिवर्सिटी प्रशासन आंदोलन के लिए न सिर्फ तैयार रहें बल्कि पूरे सहरसा मे स्नातक प्रथम खंड के परीक्षा नही होगा।