मिथिला केर महान बिभूति कविवर चनदा झा जिनकर कर्मभूमि कहु या जन्मभूमि
हम्मर गाम बड़गांव छलाह। ताहि पर हुनकर गुणगान करैत कवि अरविन्द मिश्र नीरज
(पिसा जी) केर रचना
कवि चन्द्रक अवतरण तिथि ,
स्मृति पटल पर आओल ।
बड़गामक नव युवा उमंगित ,
ई सम्वाद पठाओल ।
सुरसरि कोशिक पश्चिम तट
उत्साहित बड़गाम अथोर ।
विद्वानक समभाषण सुनि कें
होयता सभ आन्द विभोर ।
सम्मानित विद्वत जन होयता .
एहि अवसर पर जानल जाऊ ।
तिथि सुनिश्चि पुनः बतायव .
अछि हकार से मानल जाऊ ।।
कवि अरविन्द मिश्रा नीरज जी के वॉल से साभार
BY - MURARI KUMAR MAYANK,
BARGAON SAHARSA BIHAR,
कवि चन्द्रक अवतरण तिथि ,
स्मृति पटल पर आओल ।
बड़गामक नव युवा उमंगित ,
ई सम्वाद पठाओल ।
सुरसरि कोशिक पश्चिम तट
उत्साहित बड़गाम अथोर ।
विद्वानक समभाषण सुनि कें
होयता सभ आन्द विभोर ।
सम्मानित विद्वत जन होयता .
एहि अवसर पर जानल जाऊ ।
तिथि सुनिश्चि पुनः बतायव .
अछि हकार से मानल जाऊ ।।
कवि अरविन्द मिश्रा नीरज जी के वॉल से साभार
BY - MURARI KUMAR MAYANK,
BARGAON SAHARSA BIHAR,
