17 March, 2018

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हिन्दू नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं - मुरारी कुमार मयंक

हिन्दू नववर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं- मुरारी मयंक
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हिन्दू नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं !
आइये विदेशी त्योहारो को फैंक के हिन्दू त्योहार मनाऐं और गर्व के साथ भारतीय नव वर्ष यानि विक्रमी संवत् को ही मनायें तथा इसका अधिक से अधिक प्रचार करें !
भारतीय नव वर्ष : चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को भी हमारा नववर्ष है। हम परस्पर उसी दिन एक दुसरे को शुभकामनाये दें।
भारतीय नववर्ष का ऐतिहासिक महत्व :
1. यह दिन सृष्टि रचना का पहला दिन है। इस दिन से एक अरब 97 करोड़ 39 लाख 49 हजार 110 वर्ष पूर्व इसी दिन के सूर्योदय से ब्रह्माजी ने जगत की रचना प्रारंभ की।
2. विक्रमी संवत का पहला दिन : उसी राजा के नाम पर संवत प्रारंभ होता था जिसके राज्य में न कोई चोर हो, न अपराधी हो, और न ही कोई भिखारी हो। साथ ही राजा चक्रवर्ती सम्राट भी हो। सम्राट विक्रमादित्य ने करीब 2071 वर्ष पहले इसी दिन राज्य स्थापित किया था।
3. प्रभु श्री राम का राज्याभिषेक दिवस : प्रभु श्री राम ने भी इसी दिन को लंका विजय के बाद अयोध्या में राज्याभिषेक के लिये चुना।
4. नवरात्र स्थापना : शक्ति और भक्ति के नौ दिन अर्थात्,नवरात्री स्थापना का पहला दिन यही है। प्रभु श्री राम के जन्मदिन रामनवमी से पूर्व नौ दिन उत्सव मनाने का प्रथम दिन।
5. गुरू अंगददेव प्रगटोत्सव : सिख परंपरा के द्वितीय गुरूका जन्म दिवस।
6. समाज को श्रेष्ठ (आर्य) मार्ग पर ले जाने हेतु स्वामी दयानंद सरस्वती ने इसी दिन को आर्य समाज स्थापना दिवस के रूप में चुना।
7. संत झूलेलाल जन्म दिवस : सिंध प्रान्त के प्रसिद्ध समाज रक्षक वरूणावतार संत झूलेलाल इसी दिन प्रगट हुए
8. शालिवाहन संवत्सर का प्रारंभ दिवस : विक्रमादित्यकी भांति शालिन वाहन ने हूणों को परास्त कर दक्षिण भारत में श्रेष्ठतम राज्य स्थापित करने हेतु यही दिन चुना।
9. युगाब्द संवत्सर का प्रथम दिन : 5116 वर्ष पूर्व युधिष्ठिर का राज्यभिषेक भी इसी दिन हुआ।
भारतीय नववर्ष का प्राकृतिक महत्व :
1. वसंत ऋतु का आरंभ वर्ष प्रतिपदा से ही होता है जो उल्लास,उमंग, खुशी तथा चारों तरफ पुष्पों की सुगंधि से भरी होती है।
2. फसल पकने का प्रारंभ यानि किसानो की मेहनत का फल मिलने का भी यही समय होता है।
3. नक्षत्र शुभ स्थिति में होते हैं अर्थात् किसी भी कार्यको प्रारंभ करने के लिये यह शुभ मुहूर्त होता है।
वेलेंटाइन डे ओर 31 दिसंबर जैसे युरोपियन त्योहार मनाना छोडो ओर भारतीय ओर हिन्दू त्योहार मनाओ !
अंग्रेजी नववर्ष ओर वेलेंटाइन डे जैसे विदेशी त्योहारो की बधाई एक महीने पहले से भेजना शुरू हो जाते है तो फिर हिन्दू नववर्ष की क्यों नही ?
नव संवत्सर के स्वागत के लिए तैयार हो जाईये
1. घर के आंगन को रंग पोत कर साफ करिये, आंगन में तुलसी का पौधा नहीं है तो अभी लगायें।
2. घर की छत या सबसे उपर के हिस्से पर एक मजबूत पोल या पाईप गडवा दीजिए, नये वर्ष पर केशरीया ध्वज जो लगाना है।
3 . घर के बाहर लगाने के लिए ॐ व स्वास्तिक के अच्छे स्टिकर इत्यादि ले आईये।
4. घर के आसपास नीम का पेड ढूंढ कर रखिए। नव वर्ष तक उसमें नई कोंपलें आ जायेंगी। नव वर्ष के दिन सुबह सुबह वे कोपलें मिश्री के साथ स्वयं भी खानी है और ओरो को भी बांटनी है।
5 . अच्छे शुभकामना संदेश ढूंढ कर रखिये, मित्रों को जो भेजने है।
क्या कहा ? कार्ड भेजेगें ?
हां तो उसकी डिजाइन तैयार करने का समय आ गया है।
ब्रह्माजी , भगवान राम , मा नवदुर्गा , गुरु अंगद देव , संत जुलेलाल , युधिष्ठिर , आदि शंकराचार्य, वीर सावरकर, करपात्री महाराज , सम्राट विक्रमादित्य , डॉ हेडगेवार , स्वामी दयानन्द सरस्वती आदि महापुरुषों के अच्छे चित्र ढूंढना प्रारंभ कर दीजिए।
शुभकामनाएँ पोस्ट कार्ड पर भी भेजी जा सकती है , अपनापन लगता है !
6. नव वर्ष की पूर्व संध्या पर आपके गाँव, शहर, मोहल्ले, प्रतिष्ठान में सांस्कृतिक कार्यक्रम कवि सम्मेलन की योजना भी बनायी जा सकती है।
7 . नववर्ष के दिन घरों में, प्रतिष्ठानों में रोशनी करना नहीं भूलें।
8 .उस दिन सुबह प्रभात फेरी भी निकाली जा सकती है।
9 . हमारे यहाँ तो उस दिन बडा उत्सव मनाने की परम्परा है।
हाँ जी, इतने सारे काम ?
घबराओ नहीं, हमारा नव वर्ष चैत्र प्रतिपदा को भी है !
इस वर्ष दिनांक 21 मार्च शनिवार को है।
अधिक से अधिक लोगो को जागृत करो , तैयार रहो और हिन्दु होने पर गर्व करो।
वन्दे मातरम् जय हिन्द
जय श्री राम जय श्री कृष्ण
जय गुरुदेव हर हर महादेव
जय माताजी जय मा भारती
मुरारी कुमार मयंक।
विभाग संयोजक
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सहरसा सुपौल।