15 April, 2016

छात्रो के लिए समस्या बन गया है बीएनएमयू

मुरारी कुमार मयंक
धन्यवाद बीएनएमयू प्रशासन जिन्होंने इसबार पूर्ण रूप से कदाचार मुक्त परीक्षा ले रहें है। लेकिन उन्हें इसबात पर भी ध्यान देना होगा की कोई छात्र 5 महीने पूर्व जो नामांकन करवाया।1 महीना पहले जो फॉम भाड़ा, उसका 75% उपस्थिति कैसे पूरा हुआ। क्या उसका कोर्स पूरा हो गया है। ऐसी स्तिथी में अगर छात्र असफल होते है तो उसके जिंदगी बर्बाद करने का तैयारी क्यों। इसकी जिम्मेवारी किसकी है। पूर्व में कदाचार मुक्ति का परिणाम ये हुआ था 500 छात्रो में से 100 ही सफल हुआ था। जिसके बाद छात्रों ने खुद बिना किसी छात्र संगठन के मदद से अपनी भविष्य से खिलवाड़ करने के खिलाप आवाज उठाया,लेकिन बाद में हमारे एबीवीपी मधेपुरा के साथियो के मदद से उन्होंने अपनी मांगे को यूनिवर्सिटी प्रशासन से मनवाया।आज सभी सरकारी महाविद्याल में सी सी टी वी कैमरा लगा है। जैमर लगा हुआ है। जिससे मोबाइल काम नही करें,
मैं पार्वती विज्ञान महाविद्यालय में एग्जाम दे रहा हूँ। जहाँ न तो पानी पीने का व्यबस्था है नही न ही इस चिल चिलाती धुप में उड़ते धूल से बचने का कोई ब्यबस्था। जब मुख्य गेट पर सघन चेकिंग किया जाता है तो फिर अंदर में छात्रो को बार बार परेसान करने की क्या जरूरत है। मेरा सत्र 12-15 है लेकिन exame अभी देय रहा हूँ, आगे लगभग 18000 कलर्क का बहाली होने जा रहा है जिसमे स्नातक में अपेअर छात्र भी फॉम भड़ सकते है लेकिन उसे जून में होने वाले इंटरव्यू में सर्टिफिकेट जमा करना होगा।क्या यूनिवर्सिटी हम छत्रों को जून में सर्टिफिकेट दे सकती है।
ऐसे स्थिति कास छात्रों को पढ़ाने के लिए किया हुआ होता।
मण्डल यूनिवर्सिटी प्रशासन को जवाब देना होगा की ऐसी स्थिति में छात्र क्या करें।
ये बातें मैं एक छात्र नेता के तौर पर नही एक छात्र एक परीक्षार्थी के तौर पर लिखा और पूंछा हूँ।
मुरारी कुमार मयंक
छात्र, सत्र 2012 - 2015
विषय - गणित
एमएलटी कॉलेज सहरसा
जिला संयोजक
एवीबीपी सहरसा।