16 February, 2016

JNU में फिर शर्मशार हुआ देश: वामपंथी छात्रों ने मनाया आतंकवादी अफज़ल गुरु का शहादत दिवस

JNU में फिर शर्मशार हुआ देश: वामपंथी छात्रों ने मनाया आतंकवादी अफज़ल गुरु का शहादत दिवस
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अफज़ल हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल ज़िंदा हैं जैसे नारों से आज JNU केम्पस फिर से दूषित हो उठा. वामपंथी संगठनों एवं देश विरोधी आतंकी गुंडों ने आज अफजल गुरु जैसे जघन्य आतंकवादी का भरे केम्पस में शहादत दिवस मनाया. देश के बोटी-बोटी को नोचकर भारत के अखंडता को विछिन्न करने वाले अफज़ल के सपनों को पूरा करने का कसम भी खाया गया.
शर्म की बात ये है कि देश को शर्मसार कर देने वाली इस घटना को अंजाम देने वाले आतंकवादियों के यारों में JNUSU के अध्यक्ष एवं सचिव भी शामिल थे. जिस कश्मीर और संसद को भारत के नागरिक अपना सिरमौर मानते हैं उसी कश्मीर को सरेआम अलग कर देने की अश्लील भाषणबाजी चल रही थी.
जब केम्पस के आम छात्रों एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) ने इन देशद्रोही वामपंथी छात्रों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने छात्रों के साथ बद्तमिजियाँ की, मारा, पीटा, धमकियां दी. माँ-बहन के अश्मिता को तार-तार कर देने वाली अश्लील गालियाँ दी. यहाँ तक कि गाय जैसे काट देने की भी धमकी दी.
यह पहली बार नहीं है कि JNU में इस तरह की राष्ट्र विरोधी गतिविधि को अंजाम दिया गया है, जब गडचिरौली में हमारे भारतीय जवान शहीद हुए थे तो गंगा ढाबा पर जश्न मनाया गया था, याकूब मेनन के फांसी पर यहाँ हो-हंगामा किया गया था, गिलानी को बंदूकों के संरक्षण में JNU में लाया गया था... नक्सलियों से सहायता प्राप्त कर ये वामपंथी संगठन देश के अस्मिता और अखंडता को तार-तार करने की कोशिश कर रहे हैं, केम्पस में दहशत का एक माहोल कायम कर रहे हैं.
मानव संसाधन विकास मंत्रालय को इस तरह के आतंकी तत्वों की पहचान कर अविलम्ब उनपर कठोरतम कारवाई करनी चाहिए अन्यथा आने वाले समय में JNU आतंकियों का अड्डा बनकर रह जायेगा.
(इनसेट में मेरा टूटा चश्मा, जिसे आतंकियों ने गिराकर पैरों तले कुचल दिया)
भास्कर ज्योति
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