
फ़ोटो- पूर्व कुलपति अबध किशोर रॉय सर छात्रों
के भविष्य को अंधकार कर खुद अंधेरे में बैठा करते थे।
और वर्तमान #PRO टॉर्च का लाइट दिया करते थे।
अरबों के बजट पास करने वाले मंडल यूनिवर्सिटी हमेसा से छात्रों के लिए परेशानी सबब बना रहा हैं।पूर्व में जितने भी कुलपति आए किसी को भी छात्र हित से ज्यादा अपने हित का हमेसा ध्यान रखा।कुछ दिन पहले मंडल विश्विद्यालय के नए कुलपति (मधेपुरा के ही रहने वाले हैं और इसी विश्वविद्यालय में अध्यापक के रूप में सेवा दे चुके हैं) आए तो यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को लगा कि अब हाल सुधरेगा, अरबों का जो बजट बन रहा हैं उससे छात्रों को कुछ सुविधा मिलेगा,और विश्वास तब और बढ़ गया जब उन्होंने हमलोगों को सहित छात्रों को विश्वास दिलाया कि अब अगर यूनिवर्सिटी का हाल नही सुधरा तो फिर कभी नही सुधरेगा।
लेकिन अब हमको ये कहने में कोई गुरेज नही है यूनिवर्सिटी को अच्छे कुलपति कभी नही मिला और वर्तमान कुलपति सबसे अकर्मण्य और छात्र के हित से खिलवाड़ करने वाले निकले।कुलपति अगर चाह ले तो परीक्षा नियंत्रक नवीन बाबू का तांडव से छात्रों को बचाया जा सकता हैं।लेकिन वर्तमान कुलपति भी यूनिवर्सिटी के माफियाओं के चंगुल में फंस कर कोसी के गरीब,वंचित छात्रों का शोषण किये जा रहें है।और छात्रों के विच में अपना भड़ोसा खोते गए।अब यूनिवर्सिटी और इसमें पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य चौपट हो रहा हैं।जब से वर्तमान कुलपति ने जम्मेवारी संभाले तब से ही समस्या का अंबार लगना शुरू हो गया हैं।
आज तक आपसे एक वेबसाइट नही बन पाया।आपको जब पता था वर्तमान यूनिवर्सिटी के UMIS वेबसाइट के संचालक पर करोड़ो के घपले का आरोप लगा हुआ है तो आपने स्नातक प्रथम खण्ड के नामंकन प्रक्रिया को महीने लेट सिर्फ इसलिए किया कि टेंडर नही निकाल सकते और बिहार विधानसभा चुनाव के अचारसंहिता का बहाना बनाया और कॉलेज माफियो के दवाब में लिया ऑफ लाइन नामंकन लिया जिसमें भी भयंकर धांधली हुआ लेकिन आपके हाथ मे कुछ नही था।ABVP ने आपको संज्ञान में भी दिया कि आपके नामंकन लेने के नोटिफिकेशन आने से पहले ही UVK कॉलेज ने अपना नामांकन प्रकिया शुरू कर दिया लेकिन आपको हिम्मत ही नही हुआ की आप कुछ कहें।
लेकिन आपने PHD नामांकन टेस्ट के लिए बिना किसी प्रक्रिया के फिर उसी UMIS वालों को टेंडर किसके दवाब में दिया यह भी सबको पता है ABVP ने आपको बार बार ज्ञापन के माध्यम से बताया कि यूनिवर्सिटी के की कुछ लोग नए UMIS पोर्टल के लिए विज्ञापन इसलिए नही निकलने दे रहे है कि पूर्व के पोर्टल से सबका धंधा चल रहा हैं।आपने भी माना था सर।
लेकिन आपने बिना किसी टेंडर के ही पुराने वाले से काम शुरू किया।तो फिर रिजल्ट और ऑनलाइन सर्टिफिकेट के लिए दूसरे वेबसाइट क्या सिर्फ इसलिए नही बनाया गया जिससे फिर से लूट किया जाय।और वेबसाइट के नाम पर विद्यार्थियों को पडेसान किया जाय।आखिर 3 वेबसाइट होने के बाद भी छात्रों को इतने दिन इंतजार के बाद भी रिजल्ट नही मिल पा रहा हैं।2 रोज से वेबसाइट क्रैश है इसका जिम्मेदार कोई नही आप है कुलपति महोदय।हजारों विद्यार्थी परेशान है उसका जिम्मेदार कौन हैं।आप से एक वेबसाइट क्यों नही सम्भल रहा है।आपके आने के बाद यूनिवर्सिटी का हाल और बेहाल हो गया कौन है जिम्मेदार।
अभी तक अपने एक UMIS पोर्टल नही बना पाया कब तक भटके सर।कोसी के छात्र मजबूरी में यहाँ नामांकन लेता है।क्यों दोहन में लगे हुए है।गरीब बंचित दलित शोषित के बच्चे ही यहाँ नामांकन करवाते है।उसको कुछ नही लुटाने या देने को।सिर्फ एक भविष्य है जो इस यूनिवर्सिटी के सहारे ठीक कर अपनी भविष्य को सुधारना चाहता हैं।क्यों परेसान कररहे हैं।
इस महामारी में छात्रों,युवाओं का भविष्य वैसे भी अंधकार के तरफ जा रहा है। उसमें भी इस यूनिवर्सिटी और इसके कर्मचारियों को कब भगवान बुद्धि देंगे।
सर जब भविष्य ही नही बचेगा तो जीने का क्या फायदा।
लोग घर मे बंद है।सरकार पडेसान है ऐसे मैं आप क्यों हजारों छात्रों को सड़क पर उतरने को मजबूर कररहे हैं।
अपनी गलती को अविलंब सुधारिये या कुलपति महोदय इस्तीफा दीजिए।