18 February, 2016

JNU में घटित अपराध का FIR है ये.... इसे हर भारतीय को ध्यान से पढ़ना चाहिए

JNU में घटित अपराध का FIR है ये.... इसे हर भारतीय को ध्यान से पढ़ना चाहिए ............... इसमें वे सारे सबूत वर्णित हैं जो देशद्रोह का अपराध निर्मित करते हैं .... इसमें IPC की धारा 34 लगी हुई है जिसका मतलब है कि -- '' अगर एक से अधिक व्यक्ति किसी सामान्य आशय को आगे बढाने के लिए कोई अपराध करते हैं तो उनमें से ‪#‎प्रत्येकव्यक्ति‬ उस अपराध का इस प्रकार उत्तरदायी होगा मानों वह अपराध अकेले उसी ने किया हो '' ............
.................. इसलिए गिरफ्तार किये गए अभियुक्त ने नारा लगाया हो या नहीं - यह मुद्दा ही नहीं है..... मुद्दा यह है कि वह अपनी इच्छा से एक ऐसे समूह का सदस्य बना जिसने IPC की धारा 124 (A) के अपराध की पूर्व घोषणा करके वह अपराध किया भी ......... नारा लगाने का वीडियो संभव है न मिले -- तो भी इसकी पुष्टि बयानों के आधार पर की जायेगी ............ और न्यायालय पर निर्भर करेगा कि उस बयान को वह कितना मूल्य देता है......
.............. और ये जान लीजिये कि ज़्यादातर अपराध के वीडियो नहीं होते ............. अफ़ज़ल गुरु संसद पर हमले के समय घटनास्थल पर नहीं था तो JNU के अभियुक्तों की तरह कोई कहे कि अफ़ज़ल निर्दोष था --- अब ऐसे लोगों को क्या कहा जाय............. यही न कि हे ईश्वर, ऐसे निर्बुद्धि लोगो को सद्बुद्धि दो ............
मुरारी कुमार मयंक
जिला संयोजक
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिसद सहरसा
बिहार प्रदेस।
कॉल - 9473329336
ईमेल - murarijha.shc@gmail.com