16 February, 2016

जेएनयू विवाद

जेएनयू विवाद में भारत की इंटेलिजेंस ब्‍यूरो ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। इंटेलिजेंस ब्‍यूरो ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जेएनयू विवाद में जो कुछ भी हुआ उसमें लश्‍कर-ए-तैयबा के आतंकी हाफिज सईद का समर्थन प्राप्‍त था। ये रिपोर्ट ब्‍यूरो ने ग्रहमंत्री राजनाथ सिंह को सौंपी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर राजनाथ सिंह ने जेएनयू मामले में हाफिज सईद का हाथ होने की बात कही थी। हालांकि हाफिज सईद भारत के इन आरोपों को नकार चुका है।

जेएनयू विवाद में नया खुलासा
लेकिन इस रिपोर्ट में ये भी खुलासा किया गया है कि जेएनयू विवाद को लेकर इंटेलिजेंस ब्‍यूरो ने जो अपनी रिपोर्ट तैयार की है उसके मुताबिक उमर खालिद अलगावादियों और छात्रों के बीच की कड़ी था। इतना ही नहीं इंटेलिजेंस ब्‍यूरो की रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि उमर खालिद का संपर्क कश्मीरी अलगावादी नेताओं और जैश-ए- मोहम्मद से भी है। ये भी खुलासा हुआ है कि उमर खालिद पाकिस्तान भी जा चुका है। रिपोर्ट में बताया गया है कि खालिद पिछले कई महीनों से युवकों को जुटाने में लगा हुआ था। खालिद के साथ कश्मीरी युवकों की एक पूरी की पूरी टीम थी। दिल्‍ली पुलिस को भी करीब 10 कश्मीरी युवकों की तलाश है। ये लोग खासतौर पर जएनयू में अफजल गुरु को लेकर आयोजित कार्यक्रम में ही शामिल होने आए थे। IB ने ये दावा किया है कि पिछले करीब डेढ़ महीनें से ये कश्मीरी युवक जेएनयू में आते रहे हैं। कश्‍मीरी युवक जेएनयू में छात्रों के साथ बैठक भी करते थे। इस मामले में इंटेलिजेंस ब्‍यूरो ने दिल्‍ली पुलिस को अलर्ट भी किया था।

आईबी की रिपोर्ट में कन्‍हैया का भी जिक्र

हालांकि ये कितने लोग थे इसकी पुख्‍ता जानकारी अब तक नहीं मिल सकी है। माना जा रहा है कि ये लोग यूथ टैरर के सदस्य हो सकते हैं। इंटेलिजेंस ब्‍यूरो ने अपनी रिपोर्ट में कन्‍हैया का भी जिक्र किया है। बताया गया है कि कन्‍हैया करीब अस्‍सी छात्रों को लीड कर रहा था। जिसमें करीब 20 से 25 लड़कियां शामिल थी। जो लगातार नारेबाजी भी कर रही थीं।

क्‍या है जेएनयू का मामला

9 फऱवरी को जेएनयू में वामपंथी और दलित संगठनों से जुड़े छात्रों ने संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी मनाई। इसमें कश्मीर के छात्र भी शामिल थे। इसके लिए कैंपस में एक सांस्कृतिक संध्या का आय़ोजन भी किया गया था। इस दौरान देश विरोधी नारे भी लगाए गए। आरोप है कि विरोध करने पर इन लोगों ने ABVP के कार्यकर्ताओं की पिटाई भी की। एबीवापी के छात्रों ने देर रात कैम्पस में एक बड़ी रैली निकाली। रैली में शामिल छात्र-छात्राओं ने अफजल गुरू का समर्थन करने वालों के खिलाफ नारेबाजी की। रैली में शामिल छात्र तिरंगा झंडा लिए चल रहे थे, और भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगा रहे थे।