25 October, 2013

MY DEAR SHAILESH

shailesh मेरा सबसे प्रिय मित्र है। उसका घर मेरे पास ही है।हमारी मित्रता लगभग 8 वर्ष पुरानी है। हमारे विचार लगभग समान हैं। हमारी मित्रता में स्वार्थ की भावना दूर-दूर तक नहीं है।shailesh बहुत नम्र लड़का है। उसका उत्साह और आत्मविश्वास गजब का है। उसकी वाणी से शालीनता और नम्रता साफ झलकती है। उसे मैंने किसी के साथ भी अभद्र स्वर में बातें करते नहीं देखा। जरा-जरा सी बात में मुझे गुस्सा आ जाता था। उसे देखकर ही मेरी इस आदत में सुधार हुआ है।shailesh समय का बहुत पाबंद है। उसी ने मुझे समय का महत्व समझाया है। सच्चे मित्र की परीक्षा विपत्ति में होती है। shailesh हमेशा मेरे घर-परिवार में होने वाले किसी भी कार्यक्रम में मेरा हाथ बंटाने के लिए तैयार रहता है।आज लगभग 8 वर्षों से चला आ रहा मेरा याराना जिसे विलग कर अपने जीवन के बारे में सोचना भी मेरे लिए बेमानी होगा। इसे छोड़ना ठीक वैसा ही होगा जैसे गंगा नदी को हटाकर भारत के इतिहास का वर्णन करना  कहते हैं, सच्चा मित्र ईश्वर का अमूल्य उपहार है। आज भी जब दोस्ती के किस्से कहीं पढ़ता या सुनता हूँ तो ईश्वर की कृपा मानता हूँ कि इस दोस्ती को मैं आज जी भी रहा हूँ। कुछ भी नहीं रहता दुनिया में लोगों रह जाती है दोस्ती। ज़िंदगी का नाम दोस्ती, दोस्ती का नाम ज़िंदगी। दोस्त, सच्चा दोस्त। जीवन में ईश्वर की दी हुई वह नैमत है जोकि व्यक्ति के पास न हो तो उसे जरूर उसकी कमी खलेगी और यदि होगा तो जरूर उस पर वह गर्व करेगा, उसकी अहमियत उसे पता होगी। मुझे अपने इस दोस्त और हमारी दोस्ती पर गर्व है। I LOVE HIM
NOW MY DEAR FRIEND BECOME AN Er,
SAILESH FB ID http://www.facebook.com/shalesh.jha.10